रहस्यमयी भीमकुंड!

मप्र में एक अद्भुत, रहस्मयी और चमत्कारिक 'भीमकुंड' मौजूद है, जो समुद्र से भी गहरा है। कुंड में यदि कोई डूब जाए तो वह कभी बाहर नहीं आता। 

बुंदेलखंड में प्राकृतिक रहस्यों, चमत्कारों से भरा एक पानी का कुंड है। दुनियाभर के विशेषज्ञ और गोताखोर यहां तलहटी ढूढ़ने में असफल रहे।  

मप्र के छतरपुर जिला मुख्यालय से करीब 80 किलोमीटर दूर मौजूद है प्राकृतिक और चमत्कारिक भीमकुंड।  

कुंड का इतिहास महाभारत काल से जुड़ा है। अज्ञातवास के दौरान भीम ने अपनी गदा के वार से  इसका निर्माण किया था।  

भीमकुंड का पानी एकदम मीठा और औषधीय है। चंद घूंट पीने से ही प्यास बुझ जाती है। 

भीमकुंड इसलिए रहस्मयी है, क्योंकि यह अथाह गहरा है, इसकी गहराई वास्तव में कोई नहीं नाप पाया। 

डिस्कवरी चैनल से लेकर जर्मनी तक के गोताखोर यहां उपकरण लेकर उतरे, लेकिन तलहटी नहीं मिल सकी। 

दुनियाभर के वैज्ञानिक यहां रिसर्च कर चुके, लेकिन यह पता नहीं लगा पाए कि इस कुंड में पानी आता कहां से है। 

दुनियाभर में सुनामी, भूकंप, प्राकृतिक आपदाओं के दौरान इस कुंड का पानी कई मीटर ऊपर उछलने लगता है। 

भीमकुंड पर रिसर्च करने वाले वैज्ञानिकों का मत है कि इसके पानी का स्रोत भूमिगत समुंदर से जुड़ा है।

सवाल यह है कि भीमकुंड का पानी मीठा है, समुंदर का पानी खारा, इतनी दूर कैसे कुंड-समुंदर लिंक हो सकता है?