बरसाने में 27 फरवरी को होली पर्व की शुरूआत लड्डू की होली से हो चुकी है।
बरसाने में होली का पर्व लड्डू होली के बाद ही शुरू होता है।
राधारानी के मंदिर में लड्डू की होली आज खेली गई।
बरसाने की प्रसिद्ध लड्डू होली को देखने विदेश से
भी लोग आते हैं।
ब्रज में होली से पहले लड्डू की होली का आयोजन बहुत भव्य होता है।
बरसाने में लड्डू की होली खेले जाने की मान्यता द्वापर युग से जुड
़ी है।
द्वापर युग में सखियों ने श्रीकृष्ण के साथ होली खेलने के लिए न्यौता नंदगांव भेजा था।
नंदगांव में जब श्रीकृष्ण ने ये न्यौता स्वीकार कर लिया तो बरसाने के लोग खुश हो गए।
उसी खुशी में आकर बरसाने के लोग एक दूसरे पर लड्डू फेंकने लगे।
उसी समय से बरसाने में लड्डू होली की शुरूआत हुई।
लड्डू की होली में राधा कृष्ण के प्रेम में मगल होकर भक्त नाचते गाते हैं।
लड्डू की होली में लड्डू का प्रसाद पाकर भक्त धन्य हो जाते हैं।
हर बार की तरह इस बार भी लगभग 10 टन लड्डू से ये होली खेली गई।