Mahashivratri 2023

भगवान भोलेनाथ को भूलकर भी न चढ़ाएं ये चीजें

पंडित गजानंद पांडेय ने बताया कि भगवान शिव की पूजा करते समय लोगों को विशेष ध्यान देना चाहिए।

कहा जाता है कि भगवान शिव वैरागी हैं और सिंदूर और कुमकुम चढ़ाने से उनका अपमान होता है।

सिंदूर

तिल की उत्पत्ति भगवान विष्णु के मैल से हुई है और इसे भूलकर भी भगवान भोलेनाथ को नहीं चढ़ाना चाहिए।

तिल

भोलेनाथ को केतकी के फूल नहीं चढ़ाने चाहिए। यह फूल शिव की पूजा के लिए श्रापित माना जाता है।

केतकी के फूल

भगवान शिव को कभी भी कटे हुए बेल पत्र नहीं चढ़ाने चाहिए। ऐसा करने से शिव नाराज हो जाते हैं।

कटे हुए बेल पत्र

भगवान शिव को लाल गुड़हल नहीं चढ़ाना चाहिए। ऐसा करने से शिव नाराज होते हैं और उल्टा फल मिल सकता है।

गुड़हल का फूल

शिव को तुलसी के पत्ते चढ़ाना पाप माना जाता है क्योंकि तुलसी को भगवान विष्णु की पत्नी के रूप में पूजा जाता है।

तुलसी

भगवान भोलेनाथ ने शंखचूर्ण नामक राक्षस का वध किया था। इसलिए इनकी पूजा में शंख का प्रयोग वर्जित है।

शंख