यहां मन मांगी मुराद कभी नहीं रहती अधूरी

Mankameshwar Mandir:

मंदिर में शिवलिंग की लक्ष्मण जी ने की थी आराधना।

मनकामेश्‍वर मंदिर में काले रंग का शिवलिंग है और उस पर चांदी का छत्र विराजमान है। 

मंदिर में सुबह और शाम को भव्य आरती होती हैं, जिसमें काफी संख्या में भक्त हिस्सा लेते हैं।

गोमती नदी के तट पर बने मनकामेश्वर मंदिर में तो महादेव अपने भक्‍तों की सभी इच्‍छाएं पूरी करते हैं।

डालीगंज में गोमती नदी के बाएं तट पर शिव-पार्वती का ये मंदिर बहुत सिद्ध माना जाता है।

माता सीता को वनवास छोड़ने के बाद लखनपुर के राजा लक्ष्मण ने यहीं रुककर भगवान शंकर की अराधना की थी।

यहां उनके मन को बहुत शांति मिली थी। जिसके बाद कालांतर में मनकामेश्वर मंदिर की स्थापना कर दी गई।

मनकामेश्‍वर नाम से ही एहसास हो जाता है कि यहां मन मांगी मुराद कभी अधूरी नहीं रहती।

मंदिर के महंत केशवगिरी के ब्रह्मलीन होने के बाद देव्यागिरी को यहां का महंत बनाया गया।