ये कोई फ़ुटबाल नहीं, जानिए फिर क्या है?

हनुमान जन्मोत्सव पर देश भर में धूम रही। संकट मोचक पवनसुत हनुमानजी की आराधना में भक्त लीन दिखे।

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एमपी के जबलपुर का अतिप्राचीन पचमठा मंदिर आकर्षण का केंद्र रहा। 

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भारी भरकम गोलाकार दिख रही ये चीज ‘लड्डू’ है। भोग के रूप में इस मंदिर में चढ़ाया गया।

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आपको यह जानकर हैरानी होगी कि हनुमानजी को यहां 1 टन के 1  लड्डू का भोग लगाया जाता हैं।

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विशेष पूजा पाठ के बाद प्रसाद के रूप में इसे बांटने एक सप्ताह लग जाता हैं। 50 हजार से ज्यादा लोग इसे ग्रहण करते हैं।

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जबलपुर का गोंडकालीन पचमठा मंदिर लघुकाशी कहलाता है। जहां दर्शन करने देश-विदेश से लोग पहुंचते हैं।

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1 टन के इस 1 लड्डू को बनाने महाराष्ट्र, राजस्थान और एमपी के हलवाई जुटते हैं।

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हलवाई लगभग 5 दिन तक लगातार मेहनत करते हैं, तब कही 1 टन का यह लड्डू बनता है।

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इसमें  500 किलो चीनी, 300 किलो बेसन, 200 किलो शुद्ध घी  मेवा इस्तेमाल होता हैं।

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मान्यता है कि इस लड्डू का प्रसाद ग्रहण करने वाले की हर मनोकामना पूर्ण हो जाती हैं।

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इसके अलावा 56 भोग का भी यहां का विधान है। मंदिर समिति विशेष अनुष्ठान करवाती है।

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269 साल से जल रही अखंड ज्‍योत कहानी क्‍या है?