INS Sindhuratna
2 अफसरों के साहस और प्रतिबद्धता की सच्ची कहानी
फरवरी साल 2014 में 90 लोगों को बचाते हुए नौसेना के दो अफसरों ने अपना बलिदान दिया।
पनडुब्बी INS सिंधुरत्न के एक डिब्बे में भयानक इमरजेंसी आई और वो हर अंत तक लड़े।
लेफ्टिनेंट कमांडर मनोरंजन कुमार और लेफ्टिनेंट कमांडर कपिश सिंह मुवाल को आखिरी बार उसी डिब्बे में लड़ते हुए देखा गया।
पनडुब्बी में आग और जहरीली धुआं से साथियों की जान बचाते हुए आग को रोकते हुए अपनी जान दे दी।
उनके इसी साहस की कहानी 'इंडियाज मोस्ट फीयरलेंस 2' में हैं, जो उनकी शौर्य को बताता है।
नौसेना प्रमुख एडमिरल डीके जोशी ने हादसे की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दिया था।