भोपाल से 32 किलोमीटर दूर स्थित भोजपुर में दुनिया का सबसे बड़ा शिवलिंग स्थापित है। ये अकेला ऐसा प्राचीन मंदिर है, जिसका शिल्पशास्त्र भी मौजूद है।
भोजपुर
यह मंदिर भोजपुर नामक गांव में बना है,इसलिए इसे भोजपुर का मंदिर कहते हैं।
इस मंदिर का निर्माण धार के प्रसिद्ध परमार राजा भोज ने करवाया था।
इसका निर्माण 11 वीं शताब्दी में (1010-1053 ई°) के बीच माना हैं।
यहां के शिलालेखों से 11वीं शताब्दी के हिंदू मंदिरों के स्थापत्य कला का ज्ञान होता है।
मंदिर के पुजारी वैभव प्रसाद बताते हैं कि यह शिवलिंग पूरी दुनिया में मौजूद शिव मंदिरों में सबसे ऊंचा है।
मंदिर का प्रवेश द्वार भी हिंदू भवनों के दरवाजों में सबसे बड़ा है।
महाशिवरात्रि के पावन पर्व में यहां श्रद्धालुओं का तांता लगा रहता है।
भोपाल के इतिहासकारों के अनुसार ये इकलौता ऐसा शिवलिंग है, जो एक ही पत्थर से बना हुआ है।
इस मंदिर को उत्तर भारत का सोमनाथ भी कहा जाता है।