'आदियोगी'
'आदियोगी' दुनिया की सबसे ऊंची भगवान शिव की प्रतिमा हैं, जिसे गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में शामिल किया गया है।
महादेव की योगमुद्रा वाली विशाल प्रतिमा को ईशा योगा फाउंडेशन ने स्थापित कराया है।
तमिलनाडु के कोयंबटूर में वेल्लिंगिरी की पहाड़ियों के बीच तहलटी में आदियोगी की प्रतिमा स्थापित है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फरवरी 2017 में भगवान शिव को समर्पित 'आदियोगी' की प्रतिमा का अनावरण क
िया था।
भगवान शिव की 'आदियोगी प्रतिमा' 34 मीटर ऊंची अर्थात 112 फीट, और 45 मीटर अर्थात 174 फीट चौड़ी है।
'आदियोगी' की यह प्रतिमा पूर्ण रुप से स्टील (इस्पात) की धातु से तैयार की गई है।
कोयंबटूर में स्थापित आदियोगी प्रतिमा को दुनिया में सबसे बड़ी बस्ट मूर्तिकला के रुप में दर्ज किया गया है।
ईशा फाउंडेशन के संस्थाक व प्रमुख सद्गुरु जग्गी वासुदेव ने ही इस प्रतिमा को डिजाइन किया था।
'आदियोगी' की योग मुद्रा में विराजे स्वरुप की इस प्रतिमा का वजन लगभग 500 टन है।
आदियोगी और ईशा फाउंडेशन से जुड़े कैलाश खेर यहां पर भजनों की प्रस्तुति देने पहु
ंचते हैं।
महाशिवरात्रि पर 'आदियोगी' मंदिर में सद्गुरु के सानिध्य में रुद्राक्ष दीक्षा संपन्न होगी।