आखिर साल में दो बार क्यों मनाई जाती है हनुमान जयंती

हनुमान जी को शिव जी का 11 अवतार माना जाता है, हिंदू धर्म में हनुमान जी की साधना का विशेष महत्व है.

प्रत्येक वर्ष दो बार हनुमान जयंती मनाई जाती है पहला चैत्र मास की पूर्णिमा तिथि और दूसरा कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को मनाई जाती है.

पहले यानी चैत्र मास की हनुमान जयंती को बजरंगबली के जन्म दिवस के रूप में मनाया जाता है.

चैत्र मास की पूर्णिमा को बजरंगबली ने माता अंजनी के पुत्र के रूप में जन्म लिया था, इसीलिए उन्हें अंजनिपुत्र भी कहा जाता है.

वर्ष की दूसरी हनुमान जयंती कार्तिक मास में दिवाली के दिन या दिवाली के 1 दिन पहले मनाई जाती है.

मान्यता है कि माता सीता ने हनुमान जी की भक्ति-भाव को देखकर उन्हें अमरता का वरदान दिया था, इसलिए दिवाली या दिवाली के 1 दिन पहले हनुमान जयंती मनाई जाती है.

उदया तिथि के अनुसार साल 2023 में पहली हनुमान जयंती 6 अप्रैल को मनाई जाएगी.

हनुमान जयंती के दिन बजरंगबली की विधि-विधान से पूजा करना फलदाई है, इस दिन सुंदरकांड का पाठ करना शुभ माना जाता है.

वास्तु के हिसाब से कैसा होना चाहिए पर्दों का रंग