चंद्रयान 3: चांद पर एक अप्सरा को साथ ले गए हैं, विक्रम और प्रज्ञान

चंद्रयान 3 ने 23 अगस्त को इतिहास रचते हुए चंद्रमा के साउथ पोल पर सॉफ्ट लैंडिंग कर ली है।

मिशन चंद्रयान 3 में लैंडर विक्रम और रोवर प्रज्ञान अगले 14 दिनों तक चंद्रमा पर वॉटर ऑइस, फ्रोजन वॉटर तथा अन्य खनिजों की खोंज करेगा।

पौराणिक कथाओं में, रंभा नाम की एक अप्सरा के बारे आपने जरूर सुना होगा। रंभा अपने रूप और सौन्दर्य के लिए प्रसिद्ध थीं।

हालांकि यहां हम जिस अप्सरा की बात हम कर रहे हैं, वो एक यंत्र है। 

लैंडर, रेडियो एनाटॉमी ऑफ मून बाउंड हाइपरसेंसिटिव आयनोस्फीयर एंड एटमॉस्फियर (RAMBHA) पेलोड से लैस है।

दरअसल, चंद्रयान के लैंडर विक्रम में लगे इस यंत्र का नाम रंभा है।

रंभा-एलपी,लैंगमुइर जांच चंद्रमा की सतह पर प्लाज्मा (आयनों और इलेक्ट्रॉनों) के घनत्व और समय के साथ इसके परिवर्तनों को मापने के लिए तैयार किया गया है।

रंभा का एक भाग नीचे की तरफ एक्‍स्‍टेंड होगा और चंद्रमा की सतह के अंदर तक जाएगा।

यह यंत्र यह जानने की कोशिश करेगा कि सूर्य से मिलने वाली गर्मी चंद्रमा की सतह पर कैसे संचरण करती है।

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