जानिए भारत में हर साल कितने लोग बनते हैं पायलट?

बच्चा जब खिलौने वाला एयरोप्‍लेन लेकर घर के चक्कर काटता है, तब उसका केवल एक ही सपना होता है, मैं बड़े होकर पायलट बनूंगा।

क्या आपने भी कभी यह सपना देखा था? ज़रूर देखा होगा, लेकिन क्या आप जानते हैं हर साल भारत में कितने लोगों का पायलट बनने का सपना पूरा होता है? 

इस स्‍टोरी में हम बात करेंगे कमर्शियल पायलट की, न कि वायुसेना के लड़ाकू विमान उड़ाने वाले विंग कमांडरों की। 

भारत में हवाई अड्डों की संख्‍या लगातार बढ़ रही है। वर्तमान में देश में DGCA द्वारा मान्‍यता प्राप्‍त 34 फ्लाइंग ट्रेनिंग ऑर्गेनाइजेशन हैं।

2021 में कुल 862 पायलटों को कमर्शियल पायलट लाइसेंस प्राप्‍त हुए, जबकि 2022 में यह संख्‍या बढ़ कर 1108 हो गई। यानि हर साल 1 हजार लोग पायलट बनते हैं।

बात अगर नौकरी की करें तो वर्ष 2021 में देश में सक्रिय एयरलाइंस कंपनियों द्वारा 248 पायलटों की भर्ती की गई।

लोकसभा से प्राप्‍त डाटा की बात करें तो सरकार का अनुमान है कि अगले 5 वर्षों में प्रतिवर्ष करीब 1000 नए पायलटों की आवश्कता पड़ेगी। 

यही कारण है कि सरकार पायलटों के ट्रेनिंग सेंटर बढ़ाने व सक्रिय केंद्रों की क्षमता बढ़ाने पर जोर दे रही है।

सरकार का अनुमान है कि 2030 तक देश में 1 लाख पायलटों की जरूरत होगी।