राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे को उतारने के नियम क्या है?

भारत के राष्ट्रीय ध्वज को फहराने के साथ-साथ उसको उतारने के लिए भी सरकार द्वारा कुछ नियम बनाए गए हैं।

इन नियमों के अधीन ध्वज को फहराते वक्त जितना सम्मान दिया जाता है, उतना ही उतारते वक्त भी दिया जाना चाहिए। 

 तिरंगे को उतारने के लिए सबसे पहल उसे क्षैतिज रूप में रखा जाता है।

राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे को उतारने के लिए सबसे पहल उसे क्षैतिज रूप में रखा जाता है।

जिसके बाद तिरंगे को समेटने के लिए दो व्यक्ति उसे पकड़ेंगे।

और फिर सबसे पहले हरे रंग वाली पट्टी को मोड़ा जाएगा।

और फिर सबसे पहले हरे रंग वाली पट्टी को मोड़ा जाएगा।

फिर केसरिया रंग की पट्टी को हरे रंग की पट्टी पर समेटने के बाद दोनों व्यक्ति अपनी-अपनी ओर तिरंगे को फोल्ड करेंगे। 

ऐसा करने पर ऊपर की ओर से अशोक चक्र केसरिया और हरे रंग की पट्टियों के साथ दिखाई देगा।

जिसके बाद आप तिरंगे को सम्मान के साथ अपनी हथेलियों या भुजाओं पर ले जाएं। और किसी उचित जगह पर ले जाकर रख दें।