परमवीर चक्र क्या है, कब हुई इसकी शुरुआत
यह कांसे का बना हुआ एक गोलाकार पदक होता है, जिसका व्यास 1.375 इंच होता है।
इस पदक की शुरुआत 26 जनवरी 1950 को की गई थी। यह बहादुरी के बड़े कारनामे या जान न्योछावर करने वाले को सम्मानित करने के लिए प्रदान किया जाता है।
इसके सामने के हिस्से पर 'इंद्र के वज्र' की चार प्रतिकृति बनी होती हैं और बीच में राज्य चिन्ह बना होता है।
वहीं, पदक के पीछे की ओर हिंदी और अंग्रेजी में 'परम वीर चक्र' खुदा हुआ होता है।
हिंदी व अंग्रेजी के शब्दों के बीच कमल के दो फूल बने हुए होते हैं।
यह एक फीते से लटका हुआ होता है, जिसका रंग सादा और जामुनी रंग का होता है।
01 जनवरी 1996 से पदक विजेता को प्रति माह 3000 रुपए की राशि प्रदान की जाती है।
01 जनवरी 1996 से पदक विजेता को प्रति माह 3000 रुपए की राशि प्रदान की जाती है।
यह पदक जितनी बार प्रदान किया जाता है, उतनी बार उसी हिसाब से राशि जोड़कर दी जाती है।
यह सम्मान जीवित रहते या मरणोपरांत दोनों समय दिया जा सकता है।
महावीर चक्र जीतने वाले कारगिल योद्धा, जिनके बहादुरी के चर्चे आज भी हैं